बिहार के परिवारों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और शिक्षा

तेज घबराहट शरीर में गंभीर महसूस हो सकती है

पैनिक अटैक: संकेत और उस समय क्या करें

पैनिक अटैक अचानक उठने वाला बहुत तेज डर या असुविधा है, जिसके साथ मजबूत शारीरिक लक्षण हो सकते हैं। यह डरावना है, पर प्रभावी सहायता उपलब्ध है।

पहली असामान्य घटना, छाती में गंभीर दर्द, बेहोशी, सांस की गंभीर तकलीफ या बीमारी/नशे के बाद लक्षण को केवल पैनिक न मानें—चिकित्सकीय जांच लें।

आम अनुभव

  • तेज धड़कन, पसीना, कंपन, ठंड या गर्मी लगना
  • सांस फूलना, छाती जकड़ना, गला बंद लगना, मतली या चक्कर
  • सब कुछ अवास्तविक लगना, नियंत्रण खोने या मरने का डर
  • लक्षण तेजी से बढ़कर धीरे-धीरे कम होना

अटैक के समय

  • संभव हो तो शांत और सुरक्षित जगह जाएं
  • सांस को जोर से गहरा करने के बजाय धीरे और सहज लें; आराम से लंबी सांस छोड़ें
  • दिखने, सुनाई देने और महसूस होने वाली चीजों के नाम लें
  • व्यक्ति के साथ शांत रहें, आलोचना या भीड़ से बचें
  • गंभीर या नए शारीरिक लक्षण में तुरंत चिकित्सा सहायता लें

बार-बार होने पर

अचानक बार-बार अटैक, अगले अटैक का लगातार डर या यात्रा, भीड़, काम और पढ़ाई से बचना पैनिक डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ शारीरिक कारणों की जांच कर मनोवैज्ञानिक उपचार, दवा या दोनों पर चर्चा कर सकता है।

  • घटना का समय, अवधि, नींद, कैफीन, शराब/नशा और परिस्थिति लिखें
  • नियमित नींद और भोजन रखें
  • दवा अपने आप शुरू या बंद न करें

आपात संकेत

बेहोशी, दौरा, गंभीर छाती दर्द या सांस की तकलीफ, ओवरडोज, आत्महत्या का गंभीर खतरा या तेजी से बिगड़ती चिकित्सा स्थिति में 112 पर कॉल करें।

स्रोत और समीक्षा

यह जानकारी कैसे तैयार की गई

डॉ. एच. एन. रॉय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पहल की संपादकीय टीम ने नीचे दिए गए सार्वजनिक स्वास्थ्य स्रोतों के आधार पर यह सरल हिंदी जानकारी तैयार की है। अंतिम संपादकीय समीक्षा: 14 सितंबर 2026।

चिकित्सकीय समीक्षा स्थिति: सामान्य शैक्षिक सामग्री; किसी व्यक्तिगत चिकित्सकीय समीक्षक का नाम नहीं दिया गया है। इसे निदान या व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह न मानें।

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